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Irritable Bowel Syndrome (IBS): कारण, लक्षण, डायग्नोसिस और उपचार — पूरी जानकारी

Irritable Bowel Syndrome (IBS) क्या होता है?
- यह पाचन तंत्र की एक फंक्शनल समस्या है
- इसमें आंतें ठीक से काम नहीं करतीं लेकिन कोई संरचनात्मक बीमारी नहीं होती
- लंबे समय तक पेट दर्द, गैस, कब्ज या दस्त हो सकता है
- यह जानलेवा नहीं होता
- जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है
- महिलाओं में अधिक पाया जाता है
IBS होने के कारण क्या होते हैं?
- आंतों की मांसपेशियों का असामान्य संकुचन
- आंतों की नसों की संवेदनशीलता बढ़ जाना
- तनाव, चिंता और डिप्रेशन
- हार्मोनल बदलाव
- आंतों के माइक्रोबायोम में बदलाव
- कुछ खाद्य पदार्थों के प्रति संवेदनशीलता
IBS के आम लक्षण क्या होते हैं?
- पेट में ऐंठन और दर्द
- गैस और पेट फूलना
- कब्ज, दस्त या दोनों का रह-रहकर होना
- अधूरा मल त्याग महसूस होना
- मल त्याग के बाद आराम मिलना
- मल के साथ म्यूकस (चिपचिपा पदार्थ) आना
IBS के प्रकार कौन-कौन से होते हैं?
- IBS-C — कब्ज वाला
- IBS-D — दस्त वाला
- IBS-M — कब्ज और दस्त दोनों वाला
- IBS-U — अनिश्चित प्रकार
- प्रकार के अनुसार इलाज तय किया जाता है
- लक्षण समय-समय पर बदल भी सकते हैं
IBS का डायग्नोसिस कैसे किया जाता है?
- लक्षणों के आधार पर डॉक्टर मूल्यांकन करते हैं
- Rome criteria का उपयोग किया जाता है
- ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट किए जा सकते हैं
- एंडोस्कोपी/कोलोनोस्कोपी कुछ मामलों में
- अन्य गंभीर बीमारियों को exclude किया जाता है
- यह “exclusion diagnosis” माना जाता है
IBS का इलाज कैसे किया जाता है?
- डाइट और जीवनशैली में बदलाव
- तनाव प्रबंधन
- कब्ज या दस्त के अनुसार दवाइयाँ
- एंटीस्पास्मोडिक दवाइयाँ
- प्रोबायोटिक्स कुछ मरीजों में मददगार
- डॉक्टर-गाइडेड लॉन्ग-टर्म मैनेजमेंट
IBS में डाइट का क्या रोल है?
- Low FODMAP डाइट उपयोगी हो सकती है
- मसालेदार और तला खाना कम करें
- कैफीन, अल्कोहल सीमित करें
- अधिक पानी पिएँ
- छोटे-छोटे मील लें
- फूड डायरी रखना फायदेमंद रहता है
IBS और तनाव का क्या संबंध है?
- तनाव से लक्षण बढ़ जाते हैं
- ब्रेन-गट कनेक्शन इसका कारण हो सकता है
- योग, मेडिटेशन फायदेमंद
- नींद पूरी लेना जरूरी
- काउंसलिंग या CBT कुछ मामलों में उपयोगी
- संतुलित दिनचर्या मदद करती है
क्या IBS खतरनाक या जानलेवा होता है?
- नहीं, यह कैंसर या IBD जैसा गंभीर रोग नहीं है
- लेकिन लक्षण परेशान कर सकते हैं
- सही मैनेजमेंट से कंट्रोल संभव
- मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है
- इसलिए मेडिकल गाइडेंस जरूरी है
- समय-समय पर follow-up रखना चाहिए
IBS और Inflammatory Bowel Disease (IBD) में क्या अंतर है?
- IBS में संरचनात्मक नुकसान नहीं होता
- IBD में आंतों में सूजन और अल्सर बन सकते हैं
- IBD में ब्लीडिंग और बुखार हो सकता है
- IBS फंक्शनल डिसऑर्डर है
- IBD में गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं
- दोनों का इलाज अलग-अलग होता है
IBS में किन चीजों से बचना चाहिए?
- जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड
- बहुत मसालेदार खाना
- कैफीन और अल्कोहल
- ज्यादा तेल-घी
- गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थ
- तनाव और अनियमित दिनचर्या
IBS के लिए डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
- लंबे समय से पेट दर्द हो
- खून के साथ मल आए
- अचानक वजन कम हो
- रात में जागकर मल त्याग करना पड़े
- तेज बुखार रहे
- लक्षण बढ़ते जाएँ
IBS में कौन-सी दवाइयाँ दी जाती हैं?
- एंटीस्पास्मोडिक दवाइयाँ
- कब्ज या दस्त की दवाइयाँ
- प्रोबायोटिक्स
- कुछ मामलों में एंटीडिप्रेसेंट
- दर्द कम करने वाली दवाइयाँ
- डॉक्टर के बिना दवा न लें
IBS में जीवनशैली कैसे होनी चाहिए?
- नियमित भोजन समय रखें
- रोज़ाना हल्का व्यायाम
- स्ट्रेस मैनेजमेंट
- अच्छी नींद लें
- स्मोकिंग से बचें
- हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट अपनाएँ
क्या IBS हमेशा रहता है?
- यह क्रॉनिक स्थिति हो सकती है
- लेकिन सही डाइट और लाइफस्टाइल से कंट्रोल में रहता है
- कुछ लोगों में लक्षण समय-समय पर आते-जाते हैं
- flare-ups हो सकते हैं
- डॉक्टर की सलाह से मैनेज करना जरूरी
- सकारात्मक सोच भी मदद करती है



